अक़ील ए क़ुरैश
  हज़रत ख़दीजा (स) जमाल व कमाल, माल व दौलत और ख़ानदानी शराफ़त के बावजूद अक़्ल, इल्म, बसीरत, सालिम फ़िक्र, मजबूत इरादा, दिक़्क़ते नज़र और सही राय व...... की मालिका थीं।

आप किन किन सिफ़ात फ़ायज़ थीं इसका अंदाज़ा यूँ लगाया जा सकता है कि बनी हाशिम के सरदार, यमन के बादशाह और तायफ़ के बुज़ुर्ग तमाम माल व दौलत लिये हुए आपसे शादी करने की ख़्वाहिश से आते थे और आपके इंकार के बाद ख़ाली हाथ लौटते थे।

इससे साबित होता है कि आप अमीने क़ुरैश पर फ़िदा थीं।