ज़रुरी मसाइल
 



ना महरम



सवाल: क्या ख़्वातीन उन मर्दों का बदन देख सकती हैं जो अज़ादारी के दौरान अपना लिबास उतार देते हैं?

जवाब: आयतुल्लाह सीस्तानी: ऐहतेयाते वाजिब की बेना पर ऐसा नही करना चाहिये।

आयतुल्लाह ख़ामेनई: जायज़ नही है।

सवाल: ज़नानी महफ़िलों में औरतों का कुछ पढ़ना कैसा है जब कि उन की आवाज़ ना महरम भी सुन रहें हों और उस में फ़साद का भी शायबा पाया जाता हो?

जवाब: आयतुल्लाह सीस्तानी व ख़ामेनई: जायज़ नही है।





सजदाह



सवाल: किन चीज़ों पर सजदा सही है?

जवाब: आयतुल्लाह सीस्तानी: ज़मीन और ज़मीन से उगने वाली वह तमाम चीज़ें जो खाई या पहनी नही जाती हैं लेकिन मअदनियात में से न हो जैसे सोना, चांदी, अक़ीक़ वग़ैरह। अलबत्ता मजबूरी की सूरत में इंसान अतक़तरे से बनी ज़मीन को दूसरी चीज़ों पर तरजीह दे।

आयतुल्लाह ख़ामेनई: ज़मीन और ज़मीन से उगने वाली वह तमाम चीज़ें जो खाई या पहनी नही जाती हैं लेकिन मअदनियात में से न हो जैसे सोना, चांदी और अक़ीक़ वग़ैरह।

सवाल: बाज़ औक़ात कैसेट के ज़रिये से आयते सजदा सुनी जाती है तो क्या ऐसी सूरत में सजदा वाजिब है?

जवाब: आयतुल्लाह सीस्तानी: इस सूरत में सजदा वाजिब नही है।

आयतुल्लाह ख़ामेनई: अगर तिलावते क़ुरआने क़रीम को ख़ुद बाक़ायदा सुन रहा है तो सजदा वाजिब नही है और अगर तिलावते क़ुरआन की आवाज़ अचानक उस के कान में पड़ गई तो सजदा वाजिब नही है।





दाड़ी



सवाल: दाड़ी मूढ़ने की उजरत लेना कैसा है?

जवाब: आयतुल्लाह सीस्तानी: हराम है।

आयतुल्लाह ख़ामेनई: हराम काम के लिये उजरत लेना हराम है।

सवाल: क्या फेरेन्च कट (French style) दाड़ी रखना जायज़ नही है?

जवाब: आयतुल्लाह सीस्तानी: जायज़ नही है ऐहतेयाते वाजिब की बेना पर पूरी दाड़ी रखनी चाहिये।

आयतुल्लाह ख़ामेनई: हराम है, दाड़ी का कुछ हिस्सा मुढ़वाना पूरी दाड़ी मुढ़वाने के हुक्म में है।