फहरिसत





नमाज़ के114 नुक्ते


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पहला हिस्सा- नमाज़ की अहमियत
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1-नमाज़ सभी उम्मतों मे मौजूद थी
2-नमाज़ के बराबर किसी भी इबादत की तबलीग़ नही हुई
3-नमाज़ हर इबादत से पहले है
4-नमाज़ एक ऐसी इबादत है जिसकी बहुत सी क़िस्में पाई जाती हैं
5-नमाज़ व हिजरत
6-नमाज़ के लिए मुहिम तरीन जलसे को तर्क करना
7-जंग के मैदान मे अव्वले वक़्त नमाज़
8- अहमियते नमाज़े जमाअत
9-नमाज़ को खुले आम पढ़ना चाहिए छुप कर नही
10-मस्जिद के बनाने वाले नमाज़ी होने चाहिए
11-शराब व जुए को हराम करने की वजह नमाज़ है
12-इक़ामए नमाज़ की तौफ़ीक़ हज़रत इब्राहीम की दुआ है
13-इक़ामए नमाज़ पहली ज़िम्मेदारी
14-नमाज़ के लिए कोई पाबन्दी व शर्त नही है।
15-नमाज़ के साथ इंसान दोस्ती ज़रूरी है
16-अल्लाह और क़ियामत पर ईमान के बाद पहला वाजिब नमाज़ है
17-नमाज़ को सब कामो पर अहमियत देने वाले की अल्लाह ने तारीफ़ की है
18-नमाज़ को छोड़ने वालों, नमाज़ से रोकने वालों और नमाज़ से ग़ाफिल रहने वालों की मज़म्मत
19-नमाज़ के लिए कोशिश
20-नमाज़ छोड़ने पर दोज़ख की मुसीबतें
21-नमाज़ छोड़ने वाले को कोई उम्मीद नही रखनी चाहिए।
22- तमाम इबादतों के क़बूल होने का दारो मदार नमाज़ पर है।
23- नमाज़ पहली और आखरी तमन्ना
24-नमाज़ अपने आप को पहचान ने का ज़रिया है
25 क़ियामत मे पहला सवाल नमाज़ के बारे मे



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दूसरा हिस्सा-नमाज़ का फ़लसफ़ा
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26 नमाज़ अल्लाह की याद है।
27-नमाज़ और अल्लाह का शुक्र
28 नमाज़ और क़ियामत
29- नमाज़ और सिराते मुस्तक़ीम
30-नमाज़ शैतानो से जंग है
31- महराब जंग की जगह
32-सुस्त लोग भी शामिल हो जाते हैं
33- हज़रत मूसा अलै. को सबसे पहले नमाज़ का हुक्म दिया गया
34- नमाज़ को छोड़ना तबाही का सबब बनता है
35- तमाम अदयान की इबादत गाहों की हिफ़ाज़त ज़रूरी है
36- तहारत और दिल की सलामती



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तीसरा हिस्सा-नमाज़ के मानवी पहलु और मतालिब
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37- नमाज़ और सच्चाई
38-नमाज़ और ज़ीनत
39- नमाज़ एक ऐसा मुआमला है जिसमे फ़ायदा ही फायदा है
40-नमाज़ और सुकून
41- नमाज़ यानी ईमान
42-नमाज़ और अल्लाह की बुज़ुर्गी
43-नमाज़ और इख्लास
44- नमाज़ आज़माइश का पैमाना है
45- नमाज़ करम का दरवाज़ा है
46-नमाज़ तकरार नही मेराज है



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पाँचवा हिस्सा-नमाज़ के समाजी पहलू
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47-नमाज़ और तबीअत (प्रकृति)
48-नमाज़ और तालीम
49- नमाज़ और अदब
50-नमाज़ मानवी अहमियत को ज़िन्दा करते हैं
51-नमाज़ की आवाज़ पैदा होने की जगह से कब्र तक
52-नमाज़ मुशकिलों का हल
53-नमाज़ सिखाना माँ बाप की सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी
54-नमाज़ और अल्लाह के ज़िक्र को छोड़ने के बुरे नतीजे
55-नमाज़ और तवक्कुल
56-नमाज़ एक रूहे अज़ीम
57-नमाज़ और विलायत
58-नमाज़ इल्म के साथ
59-नमाज़ और तंबीह(डाँट डपट)
60-नमाज़ और हाजत
61-नमाज़ गुनाहो के सैलाब के मुक़ाबिले मे एक मज़बूत बाँध
62- वक़्त की पाबन्दी नमाज़ की बुनियाद पर
63- नमाज़ से गुनाह माफ़ होते हैं
64- नमाज़ और तालीम का तरीक़ा
65- नमाज़ और शहीदों की याद



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पाँचवा हिस्सा-नमाज़ के समाजी पहलू
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66-नमाज़ और शहादतैन
67- पाबन्दी से नमाज़ पढ़ना इंसान को महफ़ूज़ रखता है
68- नमाज़ और सलाम
69-नमाज़ और समाज
70- नमाज़ और इत्तिलाते उमूमी(सामान्य ज्ञान)
71- नमाज़ और रहबरी
72- नमाज़ और बेदारी
73- नमाज़ और नज़्म
74- नमाज़ और क़िबला
75-नमाज़ और सफ़ाई
76- नमाज़ और वक़्फ़
77- नमाज़ और दोस्त का इन्तिखाब
78-नमाज़ और शरीके हयात (जीवन साथी) का इन्तिखाब
79- नमाज़ और आपसी इमदाद
80- नमाज़ और हलाल माल
81- नमाज़ और बराबरी व यकजहती
82- नमाज़ और इन्तिज़ाम
83- नमाज़ और अवामी निगरानी
84- नमाज़ और मुहब्बत
85- नमाज़ व इज़्ज़त
86- नमाज़ समाज की इस्लाह (सुधार) करती है
87- नमाज़ और सियासत
88- नमाज़ और मशवरत
89- नमाज़े जमाअत मुसल्लह दुशमनों के सामने
90-मस्जिद मे माल और औलाद के साथ जाना चाहिए
91-नमाज़ इस्लामी भाई चारे के लिए शर्त है
92- कुफ़्फ़ार आपकी नमाज़ से खुश नही हैं
93- नमाज़ का मज़ाक़ बनाना पूरे दीन का मज़ाक़ बनाना है
94- बेनमाज़ीयों से मुहब्बत न करो
95- नमाज के अलावा किसी भी अमल के लिए इतनी तारीखी गवाहीयाँ नही है
96- घरों के नक़्शे और नमाज़
97- अल्लाह के नुमाइंदे नमाज़ीयों का किसी से सौदा नही करते



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छटा हिस्सा - क़ुरआनी नुकात
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98- नमाज़ और क़ुरआन
99- नमाज़ फ़रिश्तों से शबाहत रखती है
100-नमाज़ का ज़िक्र पूरे क़ुरआने मे है
101-नमाज़ तमाम इबादतों के साथ
102-नमाज़ और रहमत
103- नमाज़ और बराअत (दूरी)
104- नमाज़ और तस्बीह
105- नमाज़ का एक नाम क़ुरआन भी है
106-नमाज़ और तहारत
107- नमाज़ इमामत के बराबर है



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सातवाँ हिस्सा-नमाज़ के आदाब
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108- नमाज़ और लिबास
109- नमाज़ और दुआ
110- नमाज़ के लिए क़ुरआन का अदबी अंदाज़े ब्यान
111- खुशुअ के साथ नमाज़ पढ़ना ईमान की पहली शर्त
112- नमाज़ और खुशी
113- नमाज़ियों के दर्जात
114- नमाज़ हम से गुफ़्तुगु करती है