ख़ुत्बात
 
231-आपका इरशादे गिरामी

(अमीरूल मोमेनीन (अ0) ने बसरा की तरफ़ जाते हुए मक़ामे ज़ीक़ार में यह ख़ुत्बा इरशाद फ़रमाया, इसका वाक़दी ने किताबुल जमल में ज़िक्र किया है)


रसूले अकरम (स0) को जो हुक्म था उसे आप (स0) ने खोल कर बयान कर दिया और अल्लाह के पैग़ामात पहुंचा दिये, अल्लाह ने आप (अ0) के ज़रिये बिखरे हुए अफ़राद की ‘ाीराज़ाबन्दी की, सीनों में भरी हुई सख़्त अदावतों और दिलों में भड़क उठने वाले कीनों के बाद ख़विश व अक़ारब को आपस में ‘ाीरो ‘ाकर कर दिया।