ख़ुत्बात
 
220-आपका इरशादे गिरामी
(ख़ुदा की राह में चलने वाले इन्सानों के बारे में)

ऐसे ‘ाख़्स ने अपनी अक़्ल को ज़िन्दा रखा है और अपने नफ़्स को मुर्दा बना दिया है। इसका जिस्म बारीक हो गया है और इसका भारी भरकम तनो तोश हल्का हो गया है इसके लिये बेहतरीन ज़ोपाश नूरे हिदायत चमक उठा है और उसने रास्ते को वाज़ेह करके इसी पर चला दिया है। तमाम दरवाज़ों ने उसे सलामती के दरवाज़े और हमेशगी के घर तक पहुंचा दिया है और इसके क़दम तमानीयते बदन के साथ अम्न व राहत की मन्ज़िल में साबित हो गए हैं के इसने अपने दिल को इस्तेमाल किया है और अपने रब को राज़ी कर लिया है।