ख़ुत्बात
 
212- आपके ख़ुतबे का एक हिस्सा
(जिसमें अपने असहाब को अहले ‘ााम से जेहाद करने पर आमादा किया है)


ख़ुदाया! तेरे जिस बन्दे ने भी मेरी आदिलाना गुफ्तगू (जिसमें किसी तरह का ज़ुल्म नहीं है) और मसलेहाना नसीहत (जिसमें किसी तरह का फ़साद नहीं है) सुनने के बाद भी तेरे दीन की नुसरत से इन्हेराफ़ किया और तेरे दीन के एज़ाज़ में कोताही की है, मैं उसके खि़लाफ़ तुझे गवाह क़रार दे रहा हूँ के तुझसे बालातर कोई गवाह नहीं है और फ़िर तेरे तमाम सकाने अर्ज़ व समा को गवाह क़रार दे रहा हूँ। इसके बाद तू ही इनकी नुसरत व मदद से बेनियाज़ भी है और हर एक के गुनाह का मवाख़ेज़ा करने वाला भी है।