ख़ुत्बात
 
135- आपका इरषादे गिरामी
(जब आपके और उस्मान के दरम्यान इख़तेलाफ़ पैदा हुआ और मग़ीरा बिन अख़स ने उस्मान से कहा के मै। उनका काम तमाम कर सकता हूँ तो आपने फ़रमाया।)


ऐ बदनस्ल मलऊन के बच्चे! और उस दरख़्त के फ़ल जिसकी न कोई असल है और न फ़ूरूअ। तू मेरे लिये काफ़ी हो जाएगा? ख़ुदा की क़सम जिसका तू मददगार हो उसके लिये इज़्ज़त नहीं है और जिसे तु उठाएगा वह खड़े होने के क़ाबिल न होगा। निकल जा, अल्लाह तेरी मन्ज़िल को दूर कर दे। जा अपनी कोषिषें कर ले, ख़ुदा तुझ पर रहम न करेगा अगर तू मुझ पर तरस भी खाए।