ख़ुत्बात
 
116- आपके ख़ुत्बे का एक हिस्सा
(जिसमें अपने असहाब को नसीहत फ़रमाई है)


अल्लाह ने पैग़म्बर (स0) को इस्लाम की तरफ़ दावत देने वाला और मख़लूक़ात के आमाल का गवाह बनाकर भेजा तो आपने पैग़ामे इलाही को मुकम्मल तौर से पहुंचा दिया। न कोई सुस्ती और न कोई कोताही, दुष्मनाने ख़ुदा से जेहाद किया और इस राह में न कोई कमज़ोरी दिखलाई और न किसी बख़ीला और बहाने का सहारा लिया। आप मुत्तक़ीन के इमाम और तलबगाराने हिदायत के लिये आंखों की बसारत थे।
अगर तुम इनत माम बातों को जान लेते जो तुमसे मख़फ़ी रखी गई हैं और जिनको मैं जानता हूँ तो सहराओं में निकल जाते। अपने आमाल पर गिरया करते और अपने किये पर सर व सीना पीटते और सारे अमवाल को इस तरह छोड़ कर चल देते के न इनका कोई निगहबान होता और न वारिस और हर “ाख़्स को सिर्फ़ अपनी ज़ात की फ़िक्र होती। कोई दूसरे की तरफ़ रूख़ भी न करता। लेकिन अफ़सोस के तुमने इस सबक़ को बिल्कुल भुला दिया जो तुम्हें याद कराया गया था और उन हौलनाक मनाज़िर की तरफ़ से यकसर मुतमईन हो गए जिनसे डराया गया था। तो तुम्हारी राय भटक गई और तुम्हारे उमूर में इन्तेषार पैदा हो गया और मैं यह चाहने लगा के काष अल्लाह मेरे और तुम्हारे दरम्यान जुदाई डाल देता और मुझे उन लोगों से मिला देता जो मेरे लिये ज़्यादा सज़ा थे। वह लोग जिनकी राय मुबारक और जिनका हिल्म ठोस है। हक़ की बातें करते हैं और बग़ावत व सरकषी से किनारा करने वाले हैं। उन्होंने रास्ते पर क़दम आगे बढ़ाए और राहे रास्त पर तेज़ी से बढ़ते चले गये, जिसके नतीजे में दाएमी आख़ेरत और पुरसुकून करामत हासिल कर ली।
आगाह हो जाओ के ख़ुदा की क़सम तुम पर वह नौजवान बनी सक़ीफ़ का मुसल्लत हो जाएगा जिसका क़द तवील होगा और वह लहराकर चलने वाला होगा। तुम्हारे सब्ज़े को हज़म कर जाएगा और तुम्हारी चर्बी को पिघला दे, हाँ, हाँ अबू ऐ अबू वज़हा कुछ और।


(((- अमीरूल मोमेनीन (अ0) की ज़िन्दगी का अज़ीमतरीन इल्मिया है के आँख खोलने के बाद से 30 साल तक रसूले अकरम (स0) के साथ गुज़ारे। इसके बाद चन्द मुख़लिस असहाबे कराम के साथ्ज्ञ रहा इसके बाद जब ज़माने ने पलटा खाया और इक़्तेदार क़दमों में आया तो एक तरफ़ नाक्सीन, क़ासेतीन और ख़वारिज का सामना करना पड़ा और दूसरी तरफ़ अपने गिर्द कूफ़े के बेवफ़ाओं का मजमा लग गया। ज़ाहिर है के ऐसा “ाख़्स इस हाल को देख कर उसके माज़ी की तमन्ना न करे तो और क्या करे और उसने ज़ेहन से अपना माज़ी किस तरह निकल जाए।-)))