ख़ुत्बात
 
112- आपके ख़ुत्बे का एक हिस्सा
(जिसमें मलकुल मौत इनके क़ब्ज़े रूह और मख़लूक़ात के तौसीफ़े इलाही से आजिज़ी का ज़िक्र किया गया है।)


क्या जिस वक़्त मलकुल मौत घर में दाखि़ल होते हैं तुम्हें कोई एहसास होता है और क्या उन्हें रूह क़ब्ज़ करते हुए तुमने कभी देखा है? भला वह षिकमे मादर में बच्चे को किस तरह मारते हैं। क्या किसी तरफ़ से अन्दर दाखि़ल हो जाते हैं या रूह ही इनकी आवाज़ पर लब्बैक कहती हुई निकल आती है या पहले से बच्चे के पहलू में रहते हैं। सोचो! जो “ाख़्स एक मख़लूक़ के कमालात को न समझ सकता हो वह ख़ालिक़ के औसाफ़ को क्या बयान कर सकेगा।