ख़ुत्बात  
  95- आपके ख़ुत्बे का एक हिस्सा


(जिसमें रसूले अकरम (स0) के फ़ज़ाएल व मनाक़िब का तज़किरा किया गया है।)


अल्लाह ने उन्हें उस वक़्त भेजा जब लोग गुमराही, हैरत व परेषानी में गुमकर्दा राह थे और फ़ितनों में हाथ पांव मार रहे थे। ख़्वाहिषात ने उन्हें बहका दिया और ग़ुरूर ने उनके क़दमों में लग़्िज़ष पैदा कर दी थी और भरपूर जाहलीयत ने उन्हें सुबक सर बना दिया था और वह ग़ैर यक़ीनी हालात और जिहालत की बलाओं की वजह से हैरान व परेषान थे। आपने नसीहत का हक़ अदा कर दिया, सीधे रास्ते पर चलने और लोगों को हिकमत और मोअज़ हसना की तरफ़ दावत दी।