ख़ुत्बात  
  78- आपकी दुआ
(जिसे बराबर तकरार फ़रमाया करते थे)


ख़ुदाया मेरी ख़ातिर उन चीज़ों को माफ़ कर दे जिन्हें तू मुझसे बेहतर जानता है और अगर फिर इन उमूर की तकरार हो तो तू भी मग़फ़ेरत की तकरार फ़रमा। ख़ुदाया उन वादों के बारे में भी मग़फ़िरत फ़रमा जिनका तुझ से वादा किया गया लेकिन इन्हें दफ़ा न किया जा सका। ख़ुदाया उन आमाल की भी मग़फ़ेरत फ़रमा जिनमें ज़बान से तेरी क़ुरबत इख़्तेयार की गई लेकिन दिल ने इसकी मुख़ालेफ़त ही की।
ख़ुदाया आँखों के तन्ज़िया इषारों, दहन के नाषाइस्ता कलेमात, दिल की बेजा ख़्वाहिषात और ज़बान की हरज़ह सराइयों को भी माफ़ फ़रमा दे।