ख़ुत्बात  
  76- आपके ख़ुत्बे का एक हिस्सा
(जिसमें अमले स्वालेह पर आमादा किया गया है)


ख़ुदा रहमत नाज़िल करे उस बन्दे पर जो किसी हिकमत को सुने तो महफ़ूज़ कर ले और उसे किसी हिदायत की दावत दी जाए तो उससे क़रीबतर हो जाए और किया राहनुमा से वाबस्ता हो जाए तो निजात हासिल कर ले। अपने परवरदिगार को हर वक़्त नज़र में रखे और गुनाहों से डरता रहे। ख़ालिस आमाल को आगे बढ़ाए और नेक आमाल करता रहे। क़ाबिले ज़ख़ीरा सवाब हासिल करे। क़ाबिले परहेज़ चीज़ों से इज्तेनाब करे। मक़सद को निगाहों में रखे। अज्र समेट ले। ख़्वाहिषात पर ग़ालिब आ जाए और तमन्नाओं को झुटला दे। सब्र को निजात का मरकब बना ले और तक़वा को वफ़ात का ज़ख़ीरा क़रार दे ले। रौषन रास्ते पर चले और वाज़ेअ “ााहराह को इख़्तेयार कर ले। मोहलते हयात को ग़नीमत क़रार दे और मौत की तरफ़ ख़ुद सबक़त करे और अमल का ज़ादे राह लेकर आगे बढ़े।