ख़ुत्बात  
  51- आपके ख़ुत्बे का एक हिस्सा
(जब माविया के साथियों ने आपके साथियों को हटाकर सिफ़फ़ीन के क़रीब फ़ुरात पर ग़लबा हासिल कर लिया और पानी बन्द कर दिया)


देखो दुष्मनों ने तुमसे ग़िज़ाए जंग का मुतालबा कर दिया है अब या तो तुम ज़िल्लत और अपने मुक़ाम की पस्ती पर क़ायम रह जाओ या अपनी तलवारों को ख़ून से सेराब कर दो और ख़ुद पानी से सेराब हो जाओ। दर हक़ीक़त मौत ज़िल्लत की ज़िन्दगी में हैं और ज़िन्दगी इज़्ज़त की मौत में है। आगाह हो जाओ के माविया गुमराहों की एक जमाअत की क़यादत कर रहा है जिस पर तमाम हक़ाएक़ पोषीदा हैं और उन्होंने जेहालत की बिना पर अपनी गरदनों को तीरे अजल का निषाना बना दिया है।