अक़ायदे नूर
 

दसवाँ सबक़

सिफ़ाते सल्बिया
पिछले सबक़ में हमने पढ़ा कि ख़ुदा की सिफ़ात की दो क़िस्में हैं: सिफ़ाते सुबूतिया और सिफ़ाते सल्बिया। हम सिफ़ाते सल्बिया के बारे में आशनाई हासिल कर चुके और अब हम इस सबक़ में सिफ़ाते सल्बिया के बारे में पढ़ेगें।

सिफ़ाते सल्बिया उन सिफ़तों को कहते हैं जिन में ऐब व कमी और बुराई के मअना पाये जाते हैं। ख़ुदा वंदे आलम इस तरह के तमाम सिफ़ात से दूर है और उस में यह सिफ़तें नही पाई जाती हैं। आम तौर पर हमारे उलामा सात सिफ़ाते सल्बिया को बयान करते हैं:

1. ख़ुदा शरीक नही रखता: यानी ख़ुदा वाहिद है, कोई ख़ुदा के बराबर और उस के जैसा नही है, वह वाहिद है और अपने तमाम कामों को तन्हा अंजाम देता है। सिर्फ़ वही इबादत के लायक़ और सब का पैदा करने वाला है।
2. ख़ुदा मुरक्कब नही है: यानी वह कई चीज़ों से मिल कर नही बना है, न वह किसी का जुज़ है और न कोई दूसरा उस का जुज़ है वह मिट्टी, पानी, आग, हवा, हाथ, पैर, आँख, नाक, कान या दूसरी चीज़ से मिल कर नही बना है।
3. ख़ुदा जिस्म नही रखता: जिस्म उस चीज़ को कहते हैं जिस में लम्बाई, चौड़ाई और गहराई पाई जाती हो। लम्बाई, चौड़ाई और गहराई महदूद होती है लेकिन ख़ुदा वंदे आलम ला महदूद है और उस की कोई हद नही है लिहाज़ा उस की लम्बाई, चौड़ाई या गहराई का तसव्वुर नही किया जा सकता।
4. ख़ुदा दिखाई नही देता: न वह दुनिया में दिखाई देता है और न आख़िरत में दिखाई देगा। इस लिये कि वह चीज़ दिखाई देती है जो जिस्म रखती हो लेकिन हम जानते हैं कि ख़ुदा जिस्म नही रखता।
5. ख़ुदा पर हालात तारी नही होते: यानी उस में भूल, नींद, थकन, लज़्ज़त, दर्द, बीमारी, जवानी, बुढ़ापा और उन जैसी दूसरी हालतें नही पाई जाती हैं इस लिये कि ऐसी चीज़ें ऐब और कमी है और ख़ुदा तरह के ऐब से पाक है।
6. ख़ुदा मकान नही रखता: यानी ख़ुदा हर जगह है इस लियह कि वह ला महदूद है, उस की कोई हद नही है, मकान वह रखता है जो महदूद हो।
7. ख़ुदा मोहताज नही है: यानी ख़ुदा हर चीज़ से बेनियाज़ है, न वह अपनी ज़ात में किसी का मोहताज है और न सिफ़ात में। उलामा ने बड़ी किताबों में सिफ़ाते सुबूतिया की तरह सिफ़ाते सल्बिया की भी मज़बूत दलीलें बयान की हैं जिन को पढ़ने के बाद यह मालूम हो जाता है कि ख़ुदा वंदे आलम के अंदर सिफ़ाते सल्बिया क्यो नही पाई जाती है।

ख़ुलासा

-सिफ़ाते सल्बिया उन सिफ़तों को कहते हैं जिन में ऐब व नक़्स और बुराईयों के मअना पाये जाते हैं और ख़ुदा उन तमाम सिफ़तों से पाक है।

-सिफ़ाते सल्बिया सात है:

1. ख़ुदा शरीक नही रखता।
2. मुरक्कब नही है।
3. जिस्म नही रखता।
4. दिखाई नही देता।
5. उस पर हालात तारी नही होते।
6. वह मकान नही रखता।
7. वह किसी का मोहताज नही है।

सवालात

1. सिफ़ाते सल्बिया की तारीफ़ बयान करें?
2. कम से कम पाँच सिफ़ात सल्बिया लिखें?
3. ख़ुदा जिस्म क्यो नही रखता?
4. ख़ुदा पर किस तरह के हालात तारी नही होते?