ज्ञान का सही मार्ग
 

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अब जब यह बात स्पष्ट हो गयी कि ईश्वर ऐसा कारक है जो हर प्रकार की आवश्यकता से मुक्त है तो फिर उस की मूल कारक के रूप में कुछ विशेषताओं पर ध्यान देना भी आवश्यक है।



मूल कारक जो ईश्वर है उसके लिए आवश्यक है कि वह अपनी रचनाओं की समस्त विशेषताओं का पूर्ण रूप से स्वामी हो ताकि



प्रत्येक रचना को उस रचना की क्षमता के अनुसार लाभ प्रदान कर सके और यह विशेषता केवल मूल कारक के लिए ही होती है क्योंकि



साधारण कारक में आवश्यक नहीं है कि यह विशेषता हो जैसे भूमिका प्रशस्त करने या वातावरण उत्पन्न करने वाले कारकों के लिए आवश्यक नहीं है कि



वह परिणाम की विशेषताएं रखते हों उदाहरण स्वरूप यह कदापि आवश्यक नहीं है कि पौध उगाने वाली भूमि में पौधे की भी विशेषता हो या



स्वंय वृक्ष में उसके फल की समस्त विशेषताओं का होना कदापि आवश्यक नहीं है इसी प्रकार आवश्यक नहीं है कि



माता पिता में अपनी संतान की समस्त विशेषताएं पूर्ण रूप से पाई जाती हों किंतु इस सृष्टि की रचना करने वाले ईश्वर अर्थात



मूल कारक के लिए अपनी समस्त विशेषताओं के साथ ही साथ समस्त गुणों का सम्पूर्ण रूप से स्वामी होना आवश्यक है किंतु इसके साथ यह भी शर्त है



कि यह विशेषताएं एसी न हों जो उस की मूल विशेषताओं से विरोधाभास रखती हों जैसे समस्त रचनांए और परिणाम शरीर व पदार्थ होते हैं किंतु



यह विशेषता ईश्वर में नहीं पाई जाती क्योंकि यह विशेषता सीमा व अभाव का चिन्ह है और ईश्वर में कोई भी अभाव या सीमा नहीं हो सकती ।



इस चर्चा के मुख्य बिदु :



एक प्रक्रिया अथवा वस्तु के कई कारक हो सकते हैं और इन कारकों को विभिन्न आयामों से कई प्रकारों में बांटा जा सकता है।



उदाहरण स्वरूप वह कारक जो परिणाम के अस्तित्व के लिए अनिवार्य होते हैं उन्हें वास्तविक कारक कहा जा सकता है



ईश्वर एसा कारक है जो आवश्यकता मुक्त है और उसने इस सृष्टि की रचना अपनी किसी आवश्यकता के लिए नहीं की है बल्कि



यह सृष्टि एसी रचना है जिसका लाभ रचनाकार को नहीं स्वंय रचना को पहुंचता है।



ईश्वर अर्थात मूल कारक के लिए अपनी समस्त विशेषताओं के साथ ही साथ समस्त गुणों का सम्पूर्ण रूप से स्वामी होना आवश्यक है किंतु



इसके साथ यह भी शर्त है कि यह विशेषताएं एसी न हों जो उस की मूल विशेषताओं से विरोधाभास रखती हों जैसे समस्त रचनांए और परिणाम शरीर व पदार्थ होते हैं किंतु



यह विशेषता ईश्वर में नहीं पाई जाती। (जारी है)